वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने की प्रक्रिया को मिलेगी गति
राजस्व एवं वन विभाग के संयुक्त प्रशिक्षण में अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश

रिपोर्टर -सोहन श्याम
डिंडौरी-वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं वनमंडलाधिकारी डिंडौरी के मार्गदर्शन में 26 सितंबर को राजस्व एवं वन विभाग का संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में राजस्व विभाग के पटवारियों एवं वन विभाग के 26 वनरक्षकों ने भाग लिया। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा MPSEDC से प्राप्त नक्शों के आधार पर वनग्रामों में काबिज भूमिस्वामियों को प्राप्त पट्टों के अनुसार आवश्यक भू-अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान 15 दिवस की समय-सीमा में अधिकार अभिलेख, खसरा (फील्ड बुक), किस्तबंदी एवं जमाबंदी, पुनर्क्रमांकित रजिस्टर तथा दखलरहित भूमि के अभिलेख जैसे निस्तार पत्रक एवं वाजिब-उल-अर्ज तैयार करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मैदानी अमले के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयावधि में अभिलेखों को तैयार करने तथा कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।
प्रशिक्षण में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री रामबाबू देवांगन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती भारती मेरावी एवं वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी श्री सुरेंद्र सिंह जाटव सहित क्षेत्र के समस्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं वन रेंजर उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन पर अधिकारियों ने मैदानी अमले को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया से संबंधित कार्य समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।